असली बिक्री के दाम, माँगे गए नहीं

ईस्ट इंडिया कंपनी के सिक्के की असली कीमत क्या है?

ईस्ट इंडिया कंपनी का असली सिक्का अपनी किस्म, धातु और हालत के हिसाब से बिकता है। 4 स्वतंत्र सिक्का दुकानों पर 25 पूरी हुई बिक्रियों में बीच का दाम ₹599 रहा, और आधी बिक्रियाँ ₹325 से ₹1,080 के बीच हुईं।
1858 के बाद कंपनी का कोई सिक्का मुद्रा नहीं रहा, इसलिए उसकी कीमत वही है जो कोई संग्रहकर्ता उस किस्म और उस हालत के लिए दे। ताँबे के सिक्के आम हैं और कुछ सौ रुपये में बिकते हैं; महँगे चाँदी वाले होते हैं।

कंपनी के आख़िरी सिक्के 1858 में बने, इसलिए इस पन्ने का हर सिक्का सौ साल से कहीं ज़्यादा पुराना है:

हर सिक्का कितने में बिका

सिक्का पूरी बिक्री बीच का दाम आधी बिक्रियाँ इनके बीच
पाव आना सिक्का · East India Company · 1830s 9 ₹248 ₹160–₹800
पाई सिक्का · East India Company · 1830s 4 ₹368 ₹356–₹394
आधा पैसा सिक्का · East India Company · 1850s 3 ₹1,358 ₹776–₹1,800

हर पंक्ति एक किस्म का सिक्का — जहाँ बेचने वाले ने साल लिखा, वहाँ एक दशक का — और कम से कम 3 बिक्रियों पर। 4 से कम हों तो आख़िरी कॉलम सबसे कम और सबसे ऊँची बिक्री है, और जहाँ दाम आपस में पाँच गुना से ज़्यादा अलग हैं वहाँ बीच का दाम नहीं दिया गया।

ईस्ट इंडिया कंपनी का सिक्का कैसे पहचानें

कंपनी के सिक्के ऑनलाइन इतने महँगे क्यों दिखते हैं

ईस्ट इंडिया कंपनी के असली सिक्कों की लिस्टिंग रोज़ लाखों में लगती है, और लिस्टिंग सिर्फ़ बेचने वाले की उम्मीद होती है। इस पन्ने का हर आँकड़ा उसकी जगह पूरी हुई बिक्री है। माँगा और बिका अलग क्यों है →

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दाम: ईस्ट इंडिया कंपनी के असली सिक्कों की वे बिक्रियाँ जो स्वतंत्र सिक्का दुकानों पर पूरी हुईं, 2026-10-21 तक। माँगे गए दाम इनमें नहीं मिलाए गए, और कोई बिक्री दो बार नहीं गिनी गई। कोई सिक्का यहाँ तभी गिना गया जब बेचने वाले ने शासक का नाम लिखा; सिर्फ़ साल से अंदाज़ा लगाकर कोई सिक्का नहीं जोड़ा गया, ताकि आँकड़े अनुमान न बनें।

ईस्ट इंडिया कंपनी के सिक्के के लिए आपसे फ़ीस माँगी जा रही है?

कंपनी का हर असली सिक्का 100 साल से पुराना है, इसलिए माँगी जाने वाली फ़ीस अक्सर “export”, “customs” या “clearance” के नाम पर होती है। असली ख़रीदार बेचने वाले से कभी पैसे नहीं माँगता।

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