Kharidne Wale Ka WhatsApp Number

Purane note-sikke kharidne wale ka number: असली है या नकली, कैसे पहचानें?

पुराने नोट-सिक्के ख़रीदने वाले का कोई भी नंबर हो, उसे एक ही कसौटी पर परखिए: जो “ख़रीदार” आपको पैसा देने से पहले आपसे registration, GST, TDS, “RBI clearance” या किसी भी नाम पर पैसा माँगे, वह नकली है — असली ख़रीदार बेचने वाले से कभी पैसा नहीं माँगता। इस पेज पर किसी ख़रीदार का नंबर नहीं है। यहाँ यह है कि ऐसे नंबर कहाँ से आते हैं, उन्हें सरकारी पोर्टल पर कैसे जाँचें और वह जाँच क्या नहीं बताती, कौन-से पुराने नोट कोई ख़रीदार क़ानूनन ले ही नहीं सकता, और अपना नंबर दिए बिना कैसे बेचें।

असली या नकली: देखिए पैसा किस तरफ़ जा रहा है

ये नंबर कहाँ से आते हैं? हाल के मामलों में नुकसान

मामलाशुरुआतवादा (कीमत नहीं)किस नाम पर पैसा माँगानतीजा
कुतबीगुडा, हैदराबाद — Deccan Chronicle, 27 सितंबर 2026सोशल-मीडिया विज्ञापन; बेचने वाले ने विज्ञापन में दिए नंबर पर ख़ुद संपर्क किया, फिर ठगों के कहने पर नोट की फ़ोटो और अपनी निजी जानकारी भेजीपुराने ₹1 के एक नोट के ₹45 लाख“रकम रोक दी गई है” कहकर टैक्स और “RBI clearance”; फिर किसी ने आंध्र प्रदेश साइबर-क्राइम पुलिस का DSP बनकर उन पर काले धन के धंधे का आरोप लगाया20 से 23 सितंबर के बीच ₹7.9 लाख से ज़्यादा गए
नागपुर — Free Press Journal, 27 सितंबर 2026Facebook विज्ञापन; फिर अनजान नंबर से फ़ोन आया और एक WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गयापुराने नोटों के ₹55.21 लाखपहले ₹550 का registration; फिर जाली इनकम-टैक्स clearance, बीमा के काग़ज़ और नकली सरकारी मुहर दिखाकर processing फ़ीस और टैक्स30 अगस्त से 17 सितंबर के बीच ₹23.26 लाख गए
RBI के नाम का पत्र — PIB Fact Check, 27 फ़रवरी 2026RBI के नाम से घूमता एक पत्रपुराने सिक्कों के बदले ₹34,00,000₹700 “form charge” और ₹12,150 “delivery fee”PIB के मुताबिक़ पत्र फ़र्ज़ी है और ठगी है; RBI से इसका कोई संबंध नहीं

नंबर की जाँच कैसे करें — और जाँच क्या नहीं बताती

पुराने नोट बेचने हैं? पहले देखिए कि ख़रीदार चाहिए भी या नहीं

आपके पासकोई ख़रीदार ले सकता है?क्या करें
नोटबंदी (8 नवंबर 2016) में बंद हुए पुराने ₹500 और ₹1000 के नोटनहीं। Specified Bank Notes (Cessation of Liabilities) Act, 2017 की धारा 5 के तहत इन्हें जान-बूझकर या अपनी मर्ज़ी से अपने पास रखना, किसी को देना या किसी से लेना मना है। आम आदमी के लिए छूट सिर्फ़ पास रखने की है — कुल 10 नोट तक, या अध्ययन, शोध या मुद्राशास्त्र (numismatics) के लिए 25 नोट तक (RBI FAQ)।इन्हें न बेचिए, न ख़रीदिए। क़ानून की धारा 7 में उल्लंघन पर ₹10,000 तक का जुर्माना है, या नोटों के अंकित मूल्य के पाँच गुने तक — दोनों में जो रकम बड़ी हो। जो “ख़रीदार” इन्हें लेने या “बदलवाने” की पेशकश करे, उसे वहीं मना कर दीजिए।
₹2000 का नोटख़रीदार की ज़रूरत ही नहीं: ₹2000 का नोट आज भी वैध मुद्रा (legal tender) है।बैंक शाखाओं में इसे बदलने या जमा करने की सुविधा 7 अक्टूबर 2023 तक ही थी। अब RBI के 19 Issue Offices में इसे बदला या अपने बैंक खाते में जमा कराया जा सकता है; किसी भी डाकघर से India Post के ज़रिए किसी Issue Office को भेजने पर रकम खाते में आती है (RBI, 1 मई 2026)। उन 19 शहरों की सूची पुराने सिक्के और नोट का क्या करें पर है।
₹1 के नोट, और पहले छपे ₹2 व ₹5 के नोटहाँ। RBI FAQ के मुताबिक़ ये आज भी legal tender हैं, और कलेक्टर इन्हें ख़रीदते हैं — पर आम नोट की कीमत उसका अंकित मूल्य ही है।ज़्यादा कीमत सिर्फ़ कुछ ख़ास किस्मों की होती है, जैसे कोई ख़ास दस्तख़त या सीरियल नंबर। किसी ऑफ़र से पहले देखिए कि वैसे नोट असल में कितने में बिके।

अपना नंबर दिए बिना कैसे बेचें

अपना नंबर दिखाए बिना बेचिए

प्लान का एक बार का शुल्क ₹99 से, बिक्री पर 0% कमीशन। ख़रीदार साइट की चैट से बात करते हैं, आपका फ़ोन नंबर नहीं दिखता, और पैसे की माँग पकड़ में आए तो उस मैसेज पर चेतावनी दिखती है — असली ख़रीदार पैसे आपको देता है, आपसे कभी नहीं माँगता।

प्लान देखिए — ₹99 से

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अंतिम अपडेट: 2026-10-04