Kharidne Wale Ka WhatsApp Number
Purane note-sikke kharidne wale ka number: असली है या नकली, कैसे पहचानें?
पुराने नोट-सिक्के ख़रीदने वाले का कोई भी नंबर हो, उसे एक ही कसौटी पर परखिए: जो “ख़रीदार” आपको पैसा देने से पहले आपसे registration, GST, TDS, “RBI clearance” या किसी भी नाम पर पैसा माँगे, वह नकली है — असली ख़रीदार बेचने वाले से कभी पैसा नहीं माँगता। इस पेज पर किसी ख़रीदार का नंबर नहीं है। यहाँ यह है कि ऐसे नंबर कहाँ से आते हैं, उन्हें सरकारी पोर्टल पर कैसे जाँचें और वह जाँच क्या नहीं बताती, कौन-से पुराने नोट कोई ख़रीदार क़ानूनन ले ही नहीं सकता, और अपना नंबर दिए बिना कैसे बेचें।
असली या नकली: देखिए पैसा किस तरफ़ जा रहा है
- पैसा माँगे, तो नकली। registration, GST, TDS, बीमा, कूरियर, “RBI clearance” या NOC — नाम कुछ भी हो, सौदे में पैसा एक ही दिशा में चलता है: ख़रीदार से आपकी ओर। नंबर के साथ कितना भी सरकारी लोगो, मुहर या “certificate” आए, फ़ैसला इसी एक बात से होता है।
- जो “ख़रीदार” आपको अपना UPI id, QR कोड या बैंक खाता भेजे, वह असल में आपसे पैसे मँगवा रहा है। भुगतान करने वाले को आपका खाता चाहिए होता है; अपना खाता भेजने की उसे कोई ज़रूरत नहीं। पैसा “लेने” के नाम पर QR स्कैन करवाने या PIN डलवाने की चाल यहाँ समझिए।
- फ़ोटो देखते ही लाखों का दाम इसी ठगी की पहली सीढ़ी है: वादा इतना बड़ा रखा जाता है कि बाद की हर फ़ीस उसके आगे छोटी लगे। आम नोट और सिक्के असल में कितने में बिकते हैं, यह नोटों की असली कीमत और सिक्कों की असली कीमत पर देखिए। फ़ीस की पूरी सीढ़ी, और मंगलुरु का एक मामला रुपये-रुपये के हिसाब के साथ, ठगी वाले पेज पर है।
- कोई ख़ुद को “RBI approved” बताए, तो भी यही जाँच लागू है। RBI पुराने नोट-सिक्कों की ख़रीद-बिक्री में पड़ता ही नहीं, कभी कोई शुल्क या कमीशन नहीं माँगता, और उसने किसी को अपनी तरफ़ से फ़ीस या कमीशन वसूलने का अधिकार नहीं दिया (RBI प्रेस विज्ञप्ति, 4 अगस्त 2021; RBI के अपने शब्द)।
ये नंबर कहाँ से आते हैं? हाल के मामलों में नुकसान
| मामला | शुरुआत | वादा (कीमत नहीं) | किस नाम पर पैसा माँगा | नतीजा |
|---|---|---|---|---|
| कुतबीगुडा, हैदराबाद — Deccan Chronicle, 27 सितंबर 2026 | सोशल-मीडिया विज्ञापन; बेचने वाले ने विज्ञापन में दिए नंबर पर ख़ुद संपर्क किया, फिर ठगों के कहने पर नोट की फ़ोटो और अपनी निजी जानकारी भेजी | पुराने ₹1 के एक नोट के ₹45 लाख | “रकम रोक दी गई है” कहकर टैक्स और “RBI clearance”; फिर किसी ने आंध्र प्रदेश साइबर-क्राइम पुलिस का DSP बनकर उन पर काले धन के धंधे का आरोप लगाया | 20 से 23 सितंबर के बीच ₹7.9 लाख से ज़्यादा गए |
| नागपुर — Free Press Journal, 27 सितंबर 2026 | Facebook विज्ञापन; फिर अनजान नंबर से फ़ोन आया और एक WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया | पुराने नोटों के ₹55.21 लाख | पहले ₹550 का registration; फिर जाली इनकम-टैक्स clearance, बीमा के काग़ज़ और नकली सरकारी मुहर दिखाकर processing फ़ीस और टैक्स | 30 अगस्त से 17 सितंबर के बीच ₹23.26 लाख गए |
| RBI के नाम का पत्र — PIB Fact Check, 27 फ़रवरी 2026 | RBI के नाम से घूमता एक पत्र | पुराने सिक्कों के बदले ₹34,00,000 | ₹700 “form charge” और ₹12,150 “delivery fee” | PIB के मुताबिक़ पत्र फ़र्ज़ी है और ठगी है; RBI से इसका कोई संबंध नहीं |
नंबर की जाँच कैसे करें — और जाँच क्या नहीं बताती
- शिकायतें देखिए। cybercrime.gov.in पर “Report & Check Suspect” → “Suspect Repository” → “Check Suspect (mobile, email, etc.)” में मोबाइल नंबर, ईमेल, बैंक खाता, UPI id या सोशल-मीडिया अकाउंट डालकर देखिए कि उस पर शिकायतें दर्ज हैं या नहीं। नंबर के आगे +91 मत लगाइए।
- कुछ न मिले, तो भी वह नंबर “सुरक्षित” नहीं। पोर्टल ख़ुद लिखता है कि यह सूची लोगों की शिकायतों से बनी है, पूरी नहीं है, और ठग ऐसे नंबर और खाते जल्दी बनाते, बदलते और छोड़ते रहते हैं; यह भी कि वह शिकायतों के सच होने की पुष्टि नहीं करता। इसलिए वहाँ शिकायत मिलना ख़तरे का इशारा है, और कुछ न मिलना किसी बात का सबूत नहीं। नकली की पहचान ऊपर वाली पैसे की जाँच से होती है।
- पैसा नहीं गया, पर ठगी की कोशिश हुई: वह फ़ोन नंबर, WhatsApp नंबर या लिंक cybercrime.gov.in के Report Suspect में दर्ज कराइए; या संदिग्ध कॉल, SMS या WhatsApp की रिपोर्ट संचार साथी के चक्षु (Chakshu) पर 30 दिन के अंदर कीजिए।
- पैसा जा चुका है: चक्षु इसके लिए नहीं है। तुरंत 1930 पर फ़ोन कीजिए — यह साइबर ठगी की शिकायत के लिए गृह मंत्रालय के I4C की राष्ट्रीय हेल्पलाइन है — या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत कीजिए। उसके बाद अपने थाने में लिखकर शिकायत दीजिए। चैट के स्क्रीनशॉट, वह नंबर और हर भुगतान की रसीद सँभालकर रखिए।
- नंबर नहीं, कोई वेबसाइट जाँचनी है? उसकी जाँचें अलग हैं — कंपनी का रजिस्ट्रेशन, GSTIN, और आपका नंबर कहाँ जाता है: वेबसाइट असली है या नकली।
पुराने नोट बेचने हैं? पहले देखिए कि ख़रीदार चाहिए भी या नहीं
| आपके पास | कोई ख़रीदार ले सकता है? | क्या करें |
|---|---|---|
| नोटबंदी (8 नवंबर 2016) में बंद हुए पुराने ₹500 और ₹1000 के नोट | नहीं। Specified Bank Notes (Cessation of Liabilities) Act, 2017 की धारा 5 के तहत इन्हें जान-बूझकर या अपनी मर्ज़ी से अपने पास रखना, किसी को देना या किसी से लेना मना है। आम आदमी के लिए छूट सिर्फ़ पास रखने की है — कुल 10 नोट तक, या अध्ययन, शोध या मुद्राशास्त्र (numismatics) के लिए 25 नोट तक (RBI FAQ)। | इन्हें न बेचिए, न ख़रीदिए। क़ानून की धारा 7 में उल्लंघन पर ₹10,000 तक का जुर्माना है, या नोटों के अंकित मूल्य के पाँच गुने तक — दोनों में जो रकम बड़ी हो। जो “ख़रीदार” इन्हें लेने या “बदलवाने” की पेशकश करे, उसे वहीं मना कर दीजिए। |
| ₹2000 का नोट | ख़रीदार की ज़रूरत ही नहीं: ₹2000 का नोट आज भी वैध मुद्रा (legal tender) है। | बैंक शाखाओं में इसे बदलने या जमा करने की सुविधा 7 अक्टूबर 2023 तक ही थी। अब RBI के 19 Issue Offices में इसे बदला या अपने बैंक खाते में जमा कराया जा सकता है; किसी भी डाकघर से India Post के ज़रिए किसी Issue Office को भेजने पर रकम खाते में आती है (RBI, 1 मई 2026)। उन 19 शहरों की सूची पुराने सिक्के और नोट का क्या करें पर है। |
| ₹1 के नोट, और पहले छपे ₹2 व ₹5 के नोट | हाँ। RBI FAQ के मुताबिक़ ये आज भी legal tender हैं, और कलेक्टर इन्हें ख़रीदते हैं — पर आम नोट की कीमत उसका अंकित मूल्य ही है। | ज़्यादा कीमत सिर्फ़ कुछ ख़ास किस्मों की होती है, जैसे कोई ख़ास दस्तख़त या सीरियल नंबर। किसी ऑफ़र से पहले देखिए कि वैसे नोट असल में कितने में बिके। |
अपना नंबर दिए बिना कैसे बेचें
- पहले अपना दाम जान लीजिए। असली दाम पता हो, तो लाखों वाला ऑफ़र अपने-आप बेतुका दिखता है: कीमत कैसे पता करें · listing का दाम बिक्री का दाम क्यों नहीं।
- “मेरे शहर का ख़रीदार” ढूँढने की ज़रूरत नहीं। सिक्कों का बाज़ार शहर का नहीं, पूरे देश का है: कूरियर पूरे देश में चलता है, और आप कहाँ रहते हैं, इससे सिर्फ़ डाक का ख़र्च बदलता है (शहरों के पेज)।
- कूरियर से भेज रहे हैं, तो पैसा पहले। पार्सल तभी भेजिए जब रकम आपके अपने bank app या passbook में दिख जाए। “payment done” का screenshot या “credited” वाला SMS कुछ सेकंड में नकली बन जाता है।
- किसी classifieds साइट या सोशल मीडिया पर ख़ुद ad डाल रहे हैं, तो उसमें अपना नंबर मत लिखिए — नंबर कैसे बचाएँ। और कहाँ-कहाँ बेच सकते हैं, यह पुराने सिक्के कहाँ बेचें में है।
- The Currency Bazaar पर आपका फ़ोन नंबर नहीं दिखाया जाता; ख़रीदार आपसे इसी साइट की चैट में बात करते हैं। चैट के हर मैसेज में फ़ीस की माँग जैसी चालें खोजी जाती हैं, और पकड़ में आए मैसेज पर जवाब देने से पहले ही आपको चेतावनी दिखती है। बिक्री की रकम में से हम कुछ नहीं लेते (0% कमीशन); भुगतान ख़रीदार से सीधे आपको जाता है। पर कोई भी साइट हर अजनबी की ज़मानत नहीं दे सकती, इसलिए ऊपर वाली पैसे की जाँच यहाँ भी उतनी ही लागू है।
अपना नंबर दिखाए बिना बेचिए
प्लान का एक बार का शुल्क ₹99 से, बिक्री पर 0% कमीशन। ख़रीदार साइट की चैट से बात करते हैं, आपका फ़ोन नंबर नहीं दिखता, और पैसे की माँग पकड़ में आए तो उस मैसेज पर चेतावनी दिखती है — असली ख़रीदार पैसे आपको देता है, आपसे कभी नहीं माँगता।
प्लान देखिए — ₹99 सेइससे जुड़े पेज
अंतिम अपडेट: 2026-10-04