₹2 के सिक्के के लाखों कोई नहीं देता
अगर किसी ने आपके पुराने सिक्के या नोट की बहुत बड़ी कीमत लगाई और फिर पहले कोई फ़ीस माँगी — तो आपके साथ ठगी हो रही है। यह पेज बताता है कि यह ठीक कैसे होती है।
असली खरीदार बेचने वाले से कभी पैसा नहीं माँगता। न registration, न GST, न TDS, न RBI clearance, न कोई refundable deposit. पैसा सिर्फ़ एक तरफ़ चलता है — खरीदार से आपकी तरफ़। जिस पल आपसे कुछ भी भरने को कहा जाए, वह ठगी है, चाहे बात कितनी भी सरकारी लगे।
फ़ीस की सीढ़ी कैसे चलती है
शुरुआत कभी बड़ी रकम से नहीं होती। पहली रकम इतनी छोटी रखी जाती है कि वाजिब लगे, और हर अगली रकम ऐसे पेश की जाती है जैसे बस यही आखिरी अड़चन है।
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1चारा
कोई वीडियो, विज्ञापन या मैसेज बताता है कि आम सिक्का — ₹1, ₹2, ₹5 या ₹10 का नोट — लाखों का है। फिर एक “खरीदार” आकर असल से कहीं ऊँची कीमत पर राज़ी हो जाता है।
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2रजिस्ट्रेशन फ़ीस
आपको “verified seller” बनाने या “फ़ाइल खोलने” के नाम पर पहली छोटी रकम। छोटी जान-बूझकर रखी जाती है — मक़सद सिर्फ़ एक बार भरवाना है।
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3प्रोसेसिंग या कूरियर चार्ज
दूसरी, बड़ी रकम — “ट्रांसफ़र प्रोसेस” करने या पार्सल का बीमा कराने के नाम पर। तब तक आप एक बार भर चुके होते हैं, तो यह पहली रकम बचाने जैसा लगता है।
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4GST या TDS
टैक्स जैसी माँग, अक्सर नकली चालान या रसीद के साथ। कोई असली खरीदार भुगतान से पहले बेचने वाले से टैक्स नहीं वसूलता।
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5RBI क्लियरेंस या NOC
आखिरी और सबसे बड़ी माँग, जिसमें रिज़र्व बैंक का नाम इसलिए लिया जाता है ताकि बहस की गुंजाइश न लगे। वादा किया गया पैसा कभी नहीं आता और नंबर बंद हो जाता है।
रकमें बदलती रहती हैं, सीढ़ी नहीं बदलती। पहली बार भरने के बाद अगला बहाना हमेशा आता है।
एक असली मामला, पूरे हिसाब के साथ
मंगलुरु के एक व्यक्ति को बताया गया कि उनके 15 पुराने सिक्कों के ₹49,00,000 मिलेंगे। 25 नवंबर से 30 दिसंबर 2024 तक, पाँच हफ़्तों में, उनसे ये रकमें माँगी गईं — हर बार यही कहकर कि बस यही आखिरी कदम बचा है।
| किस नाम पर माँगा | कितना भरा |
|---|---|
| RBI रजिस्ट्रेशन | ₹750 |
| GST proceeding data fee | ₹17,500 |
| बीमा शुल्क | ₹94,500 |
| TDS शुल्क | ₹49,499 |
| GPS शुल्क | ₹71,500 |
| ITR शुल्क | ₹39,990 |
| “RBI notice pending” शुल्क | ₹3,50,000 |
| आखिरी माँग, “RBI guidelines के अनुसार” | ₹12,55,000 |
| रिपोर्ट किया गया कुल नुकसान (रिपोर्ट में सिर्फ़ कुछ रकमें अलग-अलग दी गई हैं; इसके बाद और किश्तें भी गईं) | ₹58,26,399 |
रिपोर्ट: ETV Bharat, 9 जनवरी 2025। मामला कावूर थाना, मंगलुरु में दर्ज।
It is clarified that Reserve Bank of India does not deal in such matters and never seeks charges/ commissions of any sort. Reserve Bank of India has also not authorised any institution/ firm/ person etc. to collect charges/ commission on its behalf in such transactions.
— Reserve Bank of India, Press Release 2021-2022/634, 4 August 2021 (मूल अंग्रेज़ी में)
इसे दोबारा पढ़िए: रिज़र्व बैंक पुराने सिक्के-नोट न खरीदता है न बेचता है, इसके लिए कोई शुल्क कभी नहीं लेता, और किसी को अपनी तरफ़ से आपसे पैसा वसूलने का अधिकार नहीं दिया है। इसलिए “RBI रजिस्ट्रेशन”, “RBI clearance” और “RBI notice” की हर माँग परिभाषा से ही झूठ है — न कहीं रजिस्टर होना है, न किसी से clearance लेनी है।
हर एक मैसेज पर हम ये छह चीज़ें जाँचते हैं
ये आम सलाह नहीं है। ये वही नियम हैं जो हमारा scanner इस साइट के हर मैसेज पर चलाता है, और इन्हीं छह चालों से यह ठगी बनी है।
कोई भी फ़ीस, चार्ज, deposit, GST, TDS, customs या “clearance” जो आपसे माँगा जाए। यही सबसे साफ़ निशानी है, और पूरी ठगी इसी पर टिकी है।
खरीदार की तरफ़ से UPI id, खाता नंबर या IFSC आने का कोई मतलब नहीं — खरीदार को आपकी detail चाहिए, उल्टा नहीं। यह सिर्फ़ इसलिए भेजी जाती है ताकि आप उन्हें पैसे भेजें।
आम सिक्के के लाखों या करोड़ों। बढ़ा-चढ़ा कर बताई गई रकम ही चारा है, और इतनी बड़ी रखी जाती है कि फ़ीस उसके आगे छोटी लगे।
RBI, “government approved”, म्यूज़ियम, auction house, आयकर, कस्टम। उधार ली गई साख इसलिए दिखाई जाती है ताकि अगली पैसों की माँग सरकारी लगे।
“सिर्फ़ आज”, “ऑफ़र खत्म हो रहा है”, “दो घंटे बचे हैं”। जल्दबाज़ी इसीलिए बनाई जाती है ताकि आप कुछ जाँच न सकें और किसी से पूछ न सकें।
फ़ोन नंबर, WhatsApp या Telegram — अक्सर शब्दों में लिखकर, ताकि filter से बच जाए। साइट से बाहर न कुछ जाँचा जाता है, न कुछ दर्ज होता है।
यह चलती क्यों है — और रुकती कैसे है
यह ठगी लालच पर नहीं चलती। यह इस बात पर चलती है कि पुराने सिक्के की असली कीमत लगभग किसी को पता नहीं होती। जब आपके मन में कोई संख्या नहीं होती, तो सामने वाले की संख्या ही सच बन जाती है।
तो असली संख्याएँ यहाँ हैं। ये हमारी अपनी प्रकाशित value catalogue की रेंज हैं — ठीक उन्हीं सिक्कों की जिनका नाम ये विज्ञापन सबसे ज़्यादा लेते हैं। एक बार पता चल जाए कि आपका सिक्का यहाँ बैठता है, तो ₹3,00,000 का ऑफ़र रोमांचक लगना बंद हो जाता है और वही चेतावनी बन जाता है जो वह हमेशा से था।
| सिक्का या नोट | असली रेंज |
|---|---|
| One Naya Paisa | ₹25 – ₹220 |
| One Anna — George VI | ₹60 – ₹400 |
| One Pice — Republic India | ₹90 – ₹700 |
| Five Rupees — RBI 75 Years | ₹90 – ₹550 |
| Half Anna — Republic India | ₹120 – ₹900 |
| Two Rupees — Small Family | ₹120 – ₹800 |
| Twenty Rupees Note — Star series | ₹120 – ₹900 |
| Jawaharlal Nehru Fifty Paise | ₹180 – ₹950 |
हमारी 35 entries वाली प्रकाशित catalogue से। इस साइट की हर listing अपनी रेंज माँगी गई कीमत के साथ खुले में दिखाती है।
देखिए आपके जैसी चीज़ें असल में कितने में बिकीं
असली listings, असल में मिली कीमतें, तारीख़ के साथ। न अनुमान, न वादे।
बिकी हुई कीमतें देखिएThe Currency Bazaar पर कोई खरीदार आपसे पैसा माँग ही नहीं सकता — हर मैसेज जाँचा जाता है, और आपका फ़ोन नंबर कभी नहीं दिखाया जाता।
आगे पढ़िए
अगर आप पहले ही पैसे भर चुके हैं
तुरंत कदम उठाइए। पहले कुछ घंटों में दर्ज कराई गई रकम आगे जाने से पहले रुक जाने की संभावना कहीं ज़्यादा होती है।
- 1930 पर कॉल कीजिए — राष्ट्रीय साइबर-अपराध हेल्पलाइन — या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कीजिए। सबसे पहले यही कीजिए।
- अपने नज़दीकी थाने में लिखित शिकायत दीजिए और रसीद संभाल कर रखिए।
- अगर यह इस साइट की किसी चैट में हुआ है, तो उसी बातचीत में Report बटन दबाइए। वह सीधे हम तक पहुँचता है।