Fate Note Badalne Ke RBI Niyam
Fate purane note kahan badle jaate hain, और कितना पैसा मिलता है?
फटे-पुराने और गंदे नोट किसी भी बैंक की शाखा में बदले जाते हैं — उस बैंक में आपका खाता न हो, तब भी। गंदे नोट एक व्यक्ति के एक दिन में 20 नोट तक और कुल ₹5,000 तक काउंटर पर मुफ़्त बदलते हैं। कटे-फटे नोट पर पूरा पैसा मिलेगा, आधा या कुछ भी नहीं, यह नोट के सबसे बड़े साबुत टुकड़े के क्षेत्रफल से तय होता है। बहुत जले, भुरभुरे या आपस में चिपके नोट शाखा नहीं लेती; उन्हें RBI के Issue Office में देना होता है, या बीमा कराई डाक (Insured Post) या रजिस्टर्ड पार्सल से वहाँ भेजना होता है।
कहाँ बदलें: पास की कोई भी बैंक शाखा
- उस बैंक में खाता होना ज़रूरी नहीं। नोट-सिक्के बदलने पर बैंकों के लिए जारी RBI के Master Direction के मुताबिक़ देश की हर बैंक शाखा को गंदे, कटे-फटे और imperfect नोट बदलने हैं, और यह सेवा सिर्फ़ अपने ग्राहकों को नहीं, बाक़ी लोगों को भी देनी है (पैरा 1.1 और 1.3)। यानी “fate purane note exchange near me” का जवाब आपके घर के पास की कोई भी बैंक शाखा है। अपवाद बस इतना है कि Payments Banks, और कारोबार के पहले दो साल वाले Small Finance Banks, कटे-फटे और imperfect नोट बदलें या नहीं, यह उनकी मर्ज़ी पर है। हाँ, जहाँ पैसा बाद में मिलना है — नोट बहुत ज़्यादा हों, या शाखा उन्हें जाँच के लिए आगे भेजे — वहाँ बैंक आपके बैंक खाते का ब्योरा लेता है, ताकि रकम उसमें भेजी जा सके (पैरा 6.1.2 और 6.2.4)।
- आपका नोट किस श्रेणी में आता है? गंदा (soiled) वह है जो चलते-चलते मैला या घिस गया हो; एक ही नोट के दो टुकड़े आपस में चिपकाकर पूरा नोट बनता हो और कोई ज़रूरी पहचान (जैसे दस्तख़त, गांधी जी या अशोक स्तंभ का चित्र, या वॉटरमार्क) ग़ायब न हो, तो वह भी गंदा ही माना जाता है (पैरा 3)। कटा-फटा (mutilated) वह है जिसका कोई हिस्सा ग़ायब हो या जो दो से ज़्यादा टुकड़ों में हो। Imperfect वह है जो पूरा या आंशिक रूप से मिट गया, सिकुड़ गया, धुल गया, बदल दिया गया या पढ़ने लायक़ न रहा (पैरा 4.1 और 4.2)।
- कुछ लिखा हो या रंग-तेल का दाग़ लगा हो, तब भी नोट चलता है। RBI के FAQ के अनुसार ऐसा नोट, अगर पढ़ने में आता है, तो legal tender है और किसी भी बैंक शाखा में जमा या बदला जा सकता है। अपवाद राजनीतिक या धार्मिक नारे वाला नोट है (नीचे देखिए)।
- फ़ीस: एक दिन में 20 तक (कुल ₹5,000 तक) गंदे नोट काउंटर पर मुफ़्त बदलते हैं, और कटे-फटे व imperfect नोट शाखाएँ बिना शुल्क बदलती हैं (पैरा 2.3)। Master Direction में सेवा शुल्क की बात सिर्फ़ एक जगह है: जब कोई एक दिन में 20 से ज़्यादा, या ₹5,000 से ज़्यादा के, गंदे नोट लाए (पैरा 6.1.2)।
- नीचे की सीमाएँ Master Direction RBI/DCM/2026-27/395 (1 अप्रैल 2026, 1 सितंबर 2026 तक अद्यतन) से हैं, जिसे हमने 4 अक्टूबर 2026 को पढ़ा। इसका पिछला संस्करण 1 अप्रैल 2025 का था; नया संस्करण आए, तो ये सीमाएँ बदल सकती हैं।
| क्या ले जा रहे हैं | काउंटर पर, उसी दिन | इससे ज़्यादा हों तो |
|---|---|---|
| गंदे नोट | एक व्यक्ति के एक दिन में 20 नोट तक और कुल ₹5,000 तक, मुफ़्त (पैरा 6.1.1) | रसीद मिलेगी और पैसा बाद में खाते में आएगा; भुगतान की संभावित तारीख़ रसीद पर लिखी होगी और 7 दिन से आगे नहीं होगी। बैंक उचित सेवा शुल्क ले सकता है (6.1.2) |
| कटे-फटे या imperfect नोट | 10 नोट तक: अधिकारी आम तौर पर वहीं जाँचकर पैसा काउंटर पर देता है (6.2.2) | 10 से ज़्यादा नोट, या एक दिन में ₹5,000 से ज़्यादा कीमत: रसीद, पैसा बाद में (6.2.3)। और जिस शाखा में currency chest नहीं है, वह नोट ख़ुद न जाँच पाए तो (नोट कम हों तब भी) रसीद देकर उन्हें अपनी जुड़ी हुई chest शाखा भेजती है; तब रसीद पर लिखी तारीख़ 30 दिन से आगे नहीं होगी (6.2.4) |
| बहुत जले, भुरभुरे या आपस में चिपके नोट | शाखा नहीं लेती (पैरा 5) | RBI के Issue Office में दीजिए, जहाँ इन्हें एक ख़ास प्रक्रिया से जाँचा जाता है; या बीमा कराई डाक / रजिस्टर्ड पार्सल से Issue Office भेजिए, साथ में खाता नंबर, शाखा का नाम और IFSC (पैरा 5) |
कितना पैसा मिलेगा, और टुकड़े चिपकाएँ या नहीं
- नापा जाता है सबसे बड़ा साबुत टुकड़ा। कटे-फटे नोट का फ़ैसला शाखा का अधिकारी RBI (Note Refund) Rules, 2009 के हिसाब से करता है। महात्मा गांधी (नई) series के नोट पहले से छोटे हैं, इसलिए 6 सितंबर 2018 को गज़ट में छपे संशोधन से ये नियम उनके हिसाब से बदले गए। गिनती इस बात की नहीं होती कि आप कितने टुकड़े लाए, बल्कि इसकी कि बिना कटा सबसे बड़ा एक टुकड़ा पूरे नोट के क्षेत्रफल का कितना हिस्सा है।
- ₹1, ₹2, ₹5, ₹10 और ₹20: वह टुकड़ा नोट के आधे से ज़्यादा हो तो पूरा पैसा; आधा या उससे कम हो तो कुछ नहीं। इन नोटों पर आधे पैसे का विकल्प है ही नहीं।
- ₹50 और उससे ऊपर: 80% से ज़्यादा पर पूरा पैसा, 40% से 80% तक पर आधा, और 40% से कम पर कुछ नहीं। अगर नोट एक ही नोट के ठीक दो टुकड़ों में है और दोनों टुकड़े अलग-अलग 40% या उससे बड़े हैं, तो भी पूरा पैसा मिल सकता है।
- दो अलग नोटों के आधे जोड़कर बना नोट (“mismatched”): ₹20 तक बड़े टुकड़े को ही नापा जाता है और छोटा छोड़ दिया जाता है; ₹50 और ऊपर में दोनों टुकड़े दो अलग दावे माने जाते हैं। सीरियल नंबर वाला हिस्सा फट गया हो तो भी फ़र्क़ नहीं पड़ता: RBI के FAQ के अनुसार नंबर का होना या न होना जाँच का आधार नहीं है।
- चिपकाएँ या नहीं? RBI के नियम टेप या गोंद का कोई तरीक़ा नहीं बताते। वे बस इतना कहते हैं कि एक ही नोट के दो टुकड़े चिपकाकर पूरा नोट बने, तो वह गंदा नोट है और सीधे बदलता है; और ख़राब ढंग से चिपके नोट को अधिकारी जाँच से पहले दोबारा चिपकवा सकता है। दो से ज़्यादा टुकड़ों या ग़ायब हिस्से वाला नोट चिपकाने से साबुत नहीं बन जाता: जोड़कर बनाए गए नोट को अधिकारी टेबल-लैंप की रोशनी में जाँचकर सबसे बड़ा साबुत टुकड़ा ही नापता है।
- नीचे की तालिका सीधे इन्हीं Rules की Table 1 और Table 2 से है। अपने टुकड़े की लंबाई और चौड़ाई (cm में) गुणा करके मोटा अंदाज़ा लगा सकते हैं; आख़िरी फ़ैसला अधिकारी के नापने से होता है। Rules की तालिका में ₹2000 भी है, पर उसे यहाँ नहीं रखा, क्योंकि बैंक शाखाओं में ₹2000 बदलने की सुविधा 7 अक्टूबर 2023 को ख़त्म हो चुकी है (नीचे देखिए)।
| नोट | पूरे नोट का आकार (cm) | पूरा पैसा: साबुत टुकड़ा कम से कम (cm²) | आधा पैसा: कम से कम (cm²) |
|---|---|---|---|
| ₹1 | 9.7 × 6.3 | 31 | — |
| ₹2 | 10.7 × 6.3 | 34 | — |
| ₹5 | 11.7 × 6.3 | 37 | — |
| ₹10 (पुरानी series) | 13.7 × 6.3 | 44 | — |
| ₹10 (महात्मा गांधी नई series) | 12.3 × 6.3 | 39 | — |
| ₹20 (पुरानी series) | 14.7 × 6.3 | 47 | — |
| ₹20 (महात्मा गांधी नई series) | 12.9 × 6.3 | 41 | — |
| ₹50 (पुरानी series) | 14.7 × 7.3 | 86 | 43 |
| ₹50 (महात्मा गांधी नई series) | 13.5 × 6.6 | 72 | 36 |
| ₹100 (पुरानी series) | 15.7 × 7.3 | 92 | 46 |
| ₹100 (महात्मा गांधी नई series) | 14.2 × 6.6 | 75 | 38 |
| ₹200 | 14.6 × 6.6 | 78 | 39 |
| ₹500 | 15.0 × 6.6 | 80 | 40 |
कौन से नोट शाखा में नहीं बदलते, और बैंक मना करे तो
- 8 नवंबर 2016 की आधी रात से बंद हुए पुराने ₹500 और ₹1000 के नोट (Specified Bank Notes) फटे हों या साबुत, किसी शाखा में नहीं बदलते: Note Refund Rules सिर्फ़ उसी नोट पर लागू होते हैं जो पेश करने के दिन legal tender हो। Specified Bank Notes (Cessation of Liabilities) Act, 2017 की धारा 5, जिसे RBI का FAQ शब्दशः देता है, इन्हें कुल 10 तक, या अध्ययन, शोध या मुद्राशास्त्र के लिए 25 तक, रखने देती है। छूट सिर्फ़ रखने की है; किसी को देना, बेचना या किसी से लेना मना है। ₹500 के नोट पर पूरी बात →
- ₹2000 का नोट अब भी legal tender है, पर बैंक शाखाओं में इसे जमा करने या बदलने की सुविधा 7 अक्टूबर 2023 तक ही थी। अब यह RBI के 19 Issue Offices में बदलता या खाते में जमा होता है, या खाते में जमा कराने के लिए किसी भी डाकघर से India Post के ज़रिए इन दफ़्तरों को भेजा जा सकता है (RBI प्रेस विज्ञप्ति, 1 मई 2026)। फटे ₹2000 के बारे में वह विज्ञप्ति कुछ नहीं कहती, इसलिए उसके लिए भी Issue Office से ही पूछिए। 19 Issue Offices किन शहरों में हैं →
- 2005 से पहले छपे नोट (इनके पिछले हिस्से पर छपाई का साल नहीं होता — RBI, 22 जनवरी 2014): RBI ने 2014 में इन्हें चलन से वापस लेना शुरू किया, और उसके FAQ के अनुसार इन्हें बदलने की सुविधा सिर्फ़ RBI के दफ़्तरों में है — 19 Issue Offices और कोच्चि। बैंक इन्हें अपने ग्राहक के खाते में जमा ज़रूर कर सकते हैं। इस series के ₹500 और ₹1000 ऊपर वाले नियम में आते हैं।
- जान-बूझकर काटे, फाड़े या बदले गए नोट का दावा ख़ारिज होता है, और राजनीतिक या धार्मिक नारा या संदेश लिखा नोट legal tender ही नहीं रहता; उसका दावा भी ख़ारिज होता है (Master Direction, पैरा 10.2.4 और 10.3)। जो नोट खो गया, चोरी हुआ या पूरी तरह नष्ट हो गया, उस पर कोई दावा बनता ही नहीं।
- बैंक को दिया नोट वापस नहीं आता। पूरा पैसा मिले, आधा मिले या दावा ख़ारिज हो, नोट बैंक रख लेता है और RBI को भेज देता है। इसलिए फटा नोट किसी पुरानी series का हो, तो देने से पहले नोटों की असली कीमत वाले पन्ने पर देख लीजिए कि उस किस्म की कोई पूरी हुई बिक्री दर्ज है भी या नहीं। पर ध्यान रहे: वहाँ की रेंज अच्छी हालत में बिके नोटों से निकली है; फटे, कटे या चिपकाए नोट पर वह लागू नहीं होती।
नोट फटा नहीं, बस पुराना है?
बैंक किसी चलते नोट का अंकित मूल्य ही देता है, उससे ज़्यादा नहीं। कलेक्टर किन किस्मों के लिए ज़्यादा देते हैं, यह अगले पन्ने पर हर नोट के लिए पूरी हुई बिक्री से दिया गया है — अच्छी हालत में बिके नोटों की। 2016 में बंद ₹500 और ₹1000 के नोटों को वहाँ कोई कीमत नहीं दी जाती, क्योंकि उन्हें बेचना, ख़रीदना या किसी को देना क़ानूनन मना है।
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अंतिम अपडेट: 2026-10-04