Purane Note Exchange Kaise Kare

Purane note kahan badle jaate hain? हर नोट का जवाब अलग है

पुराने नोट कहाँ बदले जाते हैं, यह इस पर निर्भर है कि नोट कौन सा है: ₹2000 का नोट अब बैंक शाखा में नहीं, RBI के 19 Issue Offices में बदलता या खाते में जमा होता है, और किसी भी डाकघर से वहाँ भेजा जा सकता है; 8 नवंबर 2016 को बंद हुए पुराने ₹500 और ₹1000 के नोट आज कहीं नहीं बदलते; और 2005 से पहले की series के बाक़ी नोट आज भी legal tender हैं, जिन्हें RBI के दफ़्तर में बदला जा सकता है या बैंक आपके खाते में जमा कर सकता है। आज चलने वाले बाक़ी नोट गंदे या कटे-फटे हों, तो किसी भी आम बैंक शाखा में बदलते हैं (Payments Bank कटे-फटे नोट लेने से मना कर सकता है)। और “RBI के नए नियम” के नाम पर पुराने ₹500-₹1000 बदलवाने का दावा झूठा है — PIB Fact Check उसे फ़र्ज़ी बता चुका है।

पहले पहचानिए: आपके हाथ में कौन सा नोट है

नोटआज की स्थितिकहाँ बदलें या जमा करें
₹2000 का नोटlegal tender (क़ानूनी मुद्रा) है। RBI ने 19 मई 2023 को इसे चलन से वापस लेने की घोषणा की; बैंक शाखाओं में जमा करने या बदलने की सुविधा 7 अक्टूबर 2023 तक ही थी।RBI के 19 Issue Offices में: बदलें (एक बार में ₹20,000 तक) या अपने खाते में जमा कराएँ। या किसी भी डाकघर से India Post के ज़रिए भेजकर रकम खाते में मँगाएँ।
8 नवंबर 2016 तक चलने वाले ₹500 और ₹1000 (2005 से पहले वाले भी)8 नवंबर 2016 की आधी रात से legal tender नहीं। 31 दिसंबर 2016 से इन पर RBI की देनदारी और केंद्र सरकार की गारंटी, दोनों ख़त्म।कहीं नहीं: न बैंक, न RBI, न डाकघर। कुल 10 नोट तक (अध्ययन, शोध या मुद्राशास्त्र के लिए 25 तक) सिर्फ़ रखे जा सकते हैं; बेचना, ख़रीदना, देना या लेना मना है।
2005 से पहले की series के बाक़ी नोट, जैसे पुराने ₹10, ₹20, ₹50 या ₹100 (पीछे छपाई का साल नहीं)legal tender हैं। RBI इन्हें चलन से बाहर कर रहा है; बैंक इन्हें दोबारा जारी नहीं करते।बदलना: 1 जुलाई 2016 से RBI के Issue Offices में। जमा: आपका बैंक इन्हें आपके अपने खाते में जमा कर सकता है।
₹1, ₹2 और ₹5 के पुराने नोटlegal tender हैं। ₹2 और ₹5 के नोट अब छपते नहीं, पर पहले जारी हुए नोट चलते हैं; ₹1 का नोट भारत सरकार जारी करती है, और पुराने ₹1 के नोट भी चलते हैं।कोई भी बैंक शाखा काउंटर पर छोटे मूल्य के नोट लेने से मना नहीं कर सकती। ₹2 या ₹5 का नोट 2005 से पहले का हो, तो उसे बदलने का नियम 2005 से पहले वाले बाक़ी नोटों जैसा है।
आज चलने वाले नोट (₹2000 के अलावा), जो गंदे, कटे-फटे या धुले होंबदले जाते हैं; कटे नोट पर कितना मिलेगा, यह RBI के Note Refund Rules से तय होता है।कोई भी बैंक शाखा, आप उसके ग्राहक न हों तब भी (अपवाद: Payments Banks और कारोबार के पहले दो साल वाले Small Finance Banks कटे-फटे नोट लेने से मना कर सकते हैं)। बहुत जले, भुरभुरे या आपस में चिपके नोट RBI Issue Office में, या बीमा वाली डाक (insured post) से, बैंक खाते के ब्योरे के साथ।
फटे या गंदे नोट? आज चलने वाले ऐसे नोट किसी भी बैंक शाखा में बदलते हैं, सिर्फ़ उसके ग्राहकों के नहीं (RBI का Master Direction, पैरा 1.3)। अपवाद बस इतना है कि Payments Banks, और कारोबार के पहले दो साल वाले Small Finance Banks, कटे-फटे नोट बदलें या नहीं, यह उनकी मर्ज़ी पर है; इसलिए कटा-फटा नोट किसी आम बैंक की शाखा में ले जाइए। कटे-फटे नोट पर कितनी रकम मिलेगी, यह शाखा RBI (Note Refund) Rules, 2009 (2018 में संशोधित) के हिसाब से तय करती है (उसी Master Direction का पैरा 4.1)।

₹2000 का नोट कैसे बदलें: RBI के 19 दफ़्तर या डाकघर

2005 से पहले के पुराने नोट: पहचान, बदलना और जमा करना

पहचान आसान है: 2005 से पहले जारी हुए नोटों के पीछे छपाई का साल नहीं होता; 2005 वाली series से यह साल छपने लगा (RBI की 22 जनवरी 2014 की प्रेस विज्ञप्ति)। ऐसे नोट आज भी legal tender हैं; RBI की 9 जून 2026 की अधिसूचना में यह साफ़ लिखा है, सिवाय उन ₹500 और ₹1000 के जो 8 नवंबर 2016 को बंद हुए। 1 जुलाई 2016 से इन्हें बदलने की सुविधा RBI के 19 Issue Offices में है; RBI के FAQ में कोच्चि का RBI दफ़्तर भी इस सूची में गिना गया है। पर इसके लिए RBI तक जाना ज़रूरी नहीं: RBI ने 19 दिसंबर 2016 को और फिर उसी FAQ में साफ़ किया है कि बैंक ऐसे नोट ग्राहक के खाते में जमा करने के लिए ले सकते हैं। बैंक इन्हें आगे दोबारा जारी नहीं करते, इसलिए ये धीरे-धीरे चलन से बाहर हो रहे हैं। पुराने नोट कब तक चलेंगे, बंद तो नहीं हो जाएँगे? कोई नोट तभी legal tender नहीं रहता जब इसकी आधिकारिक घोषणा हो, जैसे 8 नवंबर 2016 को पुराने ₹500 और ₹1000 के लिए भारत सरकार की अधिसूचना से हुआ। ऐसी किसी ख़बर पर भरोसा करने से पहले rbi.org.in देखिए, WhatsApp forward नहीं। ₹2000 और 2005 से पहले वाले नोट चलन से वापस लिए जा रहे हैं, पर RBI के मुताबिक़ आज भी legal tender हैं। बदलने से पहले एक बात देख लीजिए: ज़्यादातर पुराने नोट उतने के ही होते हैं जितना उन पर लिखा है, पर कुछ ख़ास किस्मों के कलेक्टर ज़्यादा देते हैं। नोटों की असली कीमत, और ₹1, ₹2 व ₹5 के नोट वाले पन्नों पर पूरी हुई बिक्री के दाम हैं।

2016 में बंद हुए ₹500 और ₹1000: न बदलते, न बिकते

8 नवंबर 2016 की आधी रात से उस समय चल रहे ₹500 और ₹1000 के सारे नोट, 2005 से पहले वाले भी, legal tender नहीं रहे। बैंकों में इन्हें लेने की सुविधा 30 दिसंबर 2016 को बंद हो गई (RBI की 30 दिसंबर 2016 की अधिसूचना)। जो लोग 9 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 के बीच विदेश में थे, उनके लिए RBI के पाँच दफ़्तरों में अलग सुविधा थी: भारत में रहने वाले नागरिकों के लिए 31 मार्च 2017 तक और NRI के लिए 30 जून 2017 तक (RBI की 31 दिसंबर 2016 की प्रेस विज्ञप्ति)। Specified Bank Notes (Cessation of Liabilities) Act, 2017 की धारा 3 के तहत 31 दिसंबर 2016 से इन नोटों पर RBI की देनदारी और केंद्र सरकार की गारंटी ख़त्म हो गई, इसलिए आज कोई बैंक, RBI दफ़्तर या डाकघर इन्हें नहीं बदलता। इसी Act की धारा 5 कहती है कि कोई इन नोटों को जान-बूझकर या अपनी मर्ज़ी से न रखे, न किसी को दे, न किसी से ले; छूट सिर्फ़ रखने की है: कुल 10 नोट तक, चाहे किसी भी मूल्य के हों, या अध्ययन, शोध या मुद्राशास्त्र (numismatics) के लिए 25 नोट तक। बेचने या ख़रीदने की कोई छूट नहीं है। धारा 7 के तहत उल्लंघन पर जुर्माना ₹10,000 तक या उन नोटों के अंकित मूल्य के पाँच गुने तक, जो भी ज़्यादा हो। धारा 5 का पूरा पाठ RBI के FAQ में भी है। 2016 में आई नई series (Mahatma Gandhi New) का ₹500 का नोट इससे अलग है; वह आज का आम पैसा है (₹500 के नोट की कीमत)। घर में मिले बाक़ी सिक्के-नोटों का क्या करें, यह इस गाइड में है।

“RBI के नए नियम” से पुराने ₹500-₹1000 बदलवाने की ख़बर फ़र्ज़ी है। PIB Fact Check ने 29 अक्टूबर 2025 को हिंदी में और 6 नवंबर 2025 को अंग्रेज़ी में साफ़ कहा कि RBI ने बंद हो चुके ₹500 और ₹1000 के नोट बदलने का ऐसा कोई नियम जारी नहीं किया। इसलिए जो व्यक्ति, ऐप या “एजेंट” फ़ीस या कमीशन लेकर इन्हें बदलवाने का दावा करे, वह झूठ बोल रहा है; और जो इन्हें ख़रीदने की पेशकश करे, उसे ये नोट सौंपना ख़ुद क़ानून के ख़िलाफ़ है। RBI पुराने नोट या सिक्के नहीं ख़रीदता: उसकी 4 अगस्त 2021 की प्रेस विज्ञप्ति (2021-2022/634) कहती है कि वह पुराने नोट-सिक्कों की ख़रीद-बिक्री के मामलों में पड़ता ही नहीं, कभी कोई शुल्क या कमीशन नहीं माँगता, और उसने किसी को अपनी तरफ़ से ऐसी वसूली का अधिकार नहीं दिया। असली ख़रीदार बेचने वाले से कभी पैसा नहीं माँगता। पैसे दे चुके हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल कीजिए या cybercrime.gov.in पर शिकायत कीजिए। यह ठगी कैसे चलती है → · RBI के अपने शब्द →

बदलने से पहले: क्या आपका नोट अंकित मूल्य से ज़्यादा का है?

2005 से पहले का कोई नोट (2016 में बंद हुए ₹500 और ₹1000 छोड़कर) या ₹1, ₹2, ₹5 का पुराना नोट बैंक में जमा करने या RBI में बदलने पर अंकित मूल्य ही देगा। ज़्यादातर की कीमत इतनी ही होती है; कलेक्टर किन किस्मों के लिए ज़्यादा देते हैं, यह अगले पन्ने पर हर नोट के लिए पूरी हुई बिक्री से दिया गया है। 2016 में बंद ₹500 और ₹1000 के नोटों को, 2005 से पहले वालों को भी, वहाँ कोई कीमत नहीं दी जाती: वे न कहीं बदलते हैं, न बेचे या ख़रीदे जा सकते हैं।

नोटों की असली कीमत देखिए

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अंतिम अपडेट: 2026-10-04