Sarkari Website Ka Sach

Purane sikke bechne ki sarkari website kaun si hai? पुराने सिक्के बेचने वाली सरकारी वेबसाइट का सच

कोई नहीं — पुराने सिक्के या नोट ख़रीदने वाली कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है। RBI अपने FAQ में साफ़ कहता है कि वह पुराने नोट-सिक्कों की ख़रीद-बिक्री के मामलों में पड़ता ही नहीं; और भारत सरकार की टकसालें चलाने वाली कंपनी SPMCIL की FAQ में सिर्फ़ स्मारक और सोविनियर सिक्के बेचने की बात है — आम लोगों से पुराने सिक्के ख़रीदने की कोई सेवा वहाँ नहीं बताई गई। सरकारी दफ़्तर में जो होता है, वह बिक्री नहीं, अदला-बदली है: जैसे ₹2000 का नोट RBI के Issue Office में उतने का ही बदलता है जितना उस पर लिखा है।

क्या कोई सरकारी वेबसाइट पुराने सिक्के ख़रीदती है?

सरकारी दफ़्तर में असल में क्या होता है: बिक्री नहीं, अदला-बदली

आपके पास क्या हैसरकार में कौन लेता हैआपको क्या मिलता है
पुराने कलेक्टर सिक्के, जैसे आने के सिक्केकोई नहीं — RBI इनकी ख़रीद-बिक्री में पड़ता ही नहींसिर्फ़ उतना जितना कोई कलेक्टर दे — असल में बिके दाम
25 पैसे और उससे छोटे सिक्केकोई नहीं — ये 30 जून 2011 से legal tender (क़ानूनी मुद्रा) नहींसिर्फ़ कलेक्टर कीमत — पैसे के सिक्कों के बिके दाम
स्मारक और सोविनियर सिक्केSPMCIL (spmcil.com, indiagovtmint.in) इन्हें बेचती हैयहाँ आप टकसाल से ख़रीदते हैं; आम लोगों से ख़रीदने की कोई सेवा उसकी FAQ में नहीं
आज चलने वाले सिक्के — 50 पैसे, ₹1, ₹2, ₹5, ₹10, ₹20कोई भी बैंक शाखा — RBI के निर्देश के मुताबिक़ कोई शाखा इन्हें लेने से मना नहीं कर सकतीउतना ही जितना सिक्के पर लिखा है

नोटों पर एक बात। ₹2000 का नोट अब भी legal tender है: RBI के 19 निर्गम कार्यालय (Issue Office) उसे बदलते हैं या आपके बैंक खाते में जमा करते हैं, और किसी भी डाकघर से India Post के ज़रिए भेजकर भी रकम खाते में मँगाई जा सकती है — यह अदला-बदली है, बिक्री नहीं (RBI, 1 मई 2026)। 8 नवंबर 2016 तक जारी हुए पुराने ₹500 और ₹1000 के नोट उसी दिन आधी रात से legal tender नहीं रहे; Specified Bank Notes (Cessation of Liabilities) Act, 2017 के तहत इन्हें कुल 10 तक (अध्ययन, शोध या मुद्राशास्त्र के लिए 25 तक) सिर्फ़ रखा जा सकता है — बेचना, ख़रीदना, किसी को देना या किसी से लेना मना है, और जुर्माना ₹10,000 या नोटों के अंकित मूल्य का पाँच गुना, जो भी ज़्यादा हो, तक हो सकता है। पूरा ब्यौरा →

“सरकारी” दिखने वाली साइट, वीडियो और letter कैसे पहचानें

असली ख़रीदार बेचने वाले से कभी पैसा नहीं माँगता। न registration, न “सरकारी” या “RBI” फ़ीस, न GST, TDS या delivery charge — पैसा सिर्फ़ ख़रीदार से आपकी तरफ़ आता है। RBI ने 4 अगस्त 2021 को लिखकर कहा है कि पुराने नोट-सिक्कों के ऐसे लेन-देन में वह पड़ता ही नहीं, कभी कोई शुल्क या कमीशन नहीं माँगता, और उसने किसी को अपनी तरफ़ से वसूली का अधिकार नहीं दिया। इसलिए पुराने सिक्के-नोट के सौदे में जो भी सरकार या RBI के नाम पर आपसे पैसा माँगे, वह ठग है।

फिर पुराने सिक्के कौन ख़रीदता है, और बेचें कहाँ?

कलेक्टर और डीलर — सरकार नहीं। कहाँ क्या मिलता है, क्या कटता है और कहाँ फँसने का डर है, यह पुराने सिक्के कहाँ बेचें में है; साइट चुनने के चार सवाल और उसे जाँचने की दो मिनट की पाँच जाँच अलग पन्नों पर हैं। किसी से बात करने से पहले असल में बिके दाम देख लीजिए, ताकि मन में असली संख्या हो। The Currency Bazaar पर ख़रीदार साइट की चैट से बात करते हैं, आपका फ़ोन नंबर नहीं दिखाया जाता, हर मैसेज फ़ीस की माँग के लिए जाँचा जाता है और ऐसी माँग पकड़ में आने पर चेतावनी दिखती है, और बिक्री पर हम 0% कमीशन लेते हैं।

पैसे भर चुके हैं? तुरंत 1930 (राष्ट्रीय साइबर-अपराध हेल्पलाइन) पर कॉल कीजिए या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कीजिए। कोई “सरकारी” वीडियो, letter या लिंक मिला हो, तो उसे PIB Fact Check को WhatsApp (+91 8799711259) पर भेजिए, ताकि वह उसकी जाँच कर सके।

सरकार नहीं, कलेक्टर ख़रीदते हैं

प्लान का एक बार का शुल्क ₹99 से, बिक्री पर 0% कमीशन। ख़रीदार चैट से बात करते हैं, आपका फ़ोन नंबर नहीं दिखता, और मैसेज फ़ीस की माँग के लिए जाँचे जाते हैं — असली ख़रीदार पैसे आपको देता है, आपसे कभी नहीं माँगता।

प्लान देखिए — ₹99 से

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अंतिम अपडेट: 2026-10-04