Sarkari Website Ka Sach
Purane sikke bechne ki sarkari website kaun si hai? पुराने सिक्के बेचने वाली सरकारी वेबसाइट का सच
कोई नहीं — पुराने सिक्के या नोट ख़रीदने वाली कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है। RBI अपने FAQ में साफ़ कहता है कि वह पुराने नोट-सिक्कों की ख़रीद-बिक्री के मामलों में पड़ता ही नहीं; और भारत सरकार की टकसालें चलाने वाली कंपनी SPMCIL की FAQ में सिर्फ़ स्मारक और सोविनियर सिक्के बेचने की बात है — आम लोगों से पुराने सिक्के ख़रीदने की कोई सेवा वहाँ नहीं बताई गई। सरकारी दफ़्तर में जो होता है, वह बिक्री नहीं, अदला-बदली है: जैसे ₹2000 का नोट RBI के Issue Office में उतने का ही बदलता है जितना उस पर लिखा है।
क्या कोई सरकारी वेबसाइट पुराने सिक्के ख़रीदती है?
- RBI नहीं ख़रीदता। रिज़र्व बैंक अपने Indian Currency FAQ (15 अप्रैल 2025 को अपडेट) में “पुराने नोट और सिक्के कहाँ बेचें?” के जवाब में साफ़ लिखता है कि वह पुराने नोट-सिक्कों की ख़रीद-बिक्री के मामलों में पड़ता ही नहीं। RBI के पूरे शब्द →
- सरकारी टकसाल सिक्के बेचती है — आपसे ख़रीदने की कोई सेवा उसकी FAQ में नहीं। मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और नोएडा की चारों सरकारी टकसालें (India Government Mint) SPMCIL की इकाइयाँ हैं। SPMCIL की FAQ बताती है कि आम लोग उससे स्मारक और सोविनियर सिक्के ख़रीद सकते हैं; आम लोगों से पुराने सिक्के ख़रीदने की कोई सेवा उसमें नहीं बताई गई। उसकी ऑनलाइन दुकान indiagovtmint.in है, जिसका लिंक spmcil.com पर ही है। उसी FAQ के मुताबिक़ टकसाल फ़ोन पर ऑर्डर तक नहीं लेती, ऑर्डर सिर्फ़ उसकी वेबसाइट से लिए जाते हैं — तो WhatsApp पर “टकसाल की तरफ़ से” पुराने सिक्के ख़रीदने का दावा करने वाले को टकसाल मानने की कोई वजह नहीं।
- सरकार ने ऐसी कोई योजना घोषित नहीं की। 29 जुलाई 2026 को PIB Fact Check ने उन वीडियो को AI से बने डीपफेक बताया जिनमें प्रधानमंत्री को यह कहते दिखाया गया था कि अब बैंक पुराने, दुर्लभ और एंटीक नोट-सिक्के ख़रीद रहे हैं और बैंक कर्मचारी घर-घर जाकर उन्हें इकट्ठा कर रहे हैं। PIB के शब्दों में, “प्रधानमंत्री या केंद्र सरकार द्वारा ऐसी किसी भी योजना की घोषणा नहीं की गई है।”
सरकारी दफ़्तर में असल में क्या होता है: बिक्री नहीं, अदला-बदली
| आपके पास क्या है | सरकार में कौन लेता है | आपको क्या मिलता है |
|---|---|---|
| पुराने कलेक्टर सिक्के, जैसे आने के सिक्के | कोई नहीं — RBI इनकी ख़रीद-बिक्री में पड़ता ही नहीं | सिर्फ़ उतना जितना कोई कलेक्टर दे — असल में बिके दाम |
| 25 पैसे और उससे छोटे सिक्के | कोई नहीं — ये 30 जून 2011 से legal tender (क़ानूनी मुद्रा) नहीं | सिर्फ़ कलेक्टर कीमत — पैसे के सिक्कों के बिके दाम |
| स्मारक और सोविनियर सिक्के | SPMCIL (spmcil.com, indiagovtmint.in) इन्हें बेचती है | यहाँ आप टकसाल से ख़रीदते हैं; आम लोगों से ख़रीदने की कोई सेवा उसकी FAQ में नहीं |
| आज चलने वाले सिक्के — 50 पैसे, ₹1, ₹2, ₹5, ₹10, ₹20 | कोई भी बैंक शाखा — RBI के निर्देश के मुताबिक़ कोई शाखा इन्हें लेने से मना नहीं कर सकती | उतना ही जितना सिक्के पर लिखा है |
नोटों पर एक बात। ₹2000 का नोट अब भी legal tender है: RBI के 19 निर्गम कार्यालय (Issue Office) उसे बदलते हैं या आपके बैंक खाते में जमा करते हैं, और किसी भी डाकघर से India Post के ज़रिए भेजकर भी रकम खाते में मँगाई जा सकती है — यह अदला-बदली है, बिक्री नहीं (RBI, 1 मई 2026)। 8 नवंबर 2016 तक जारी हुए पुराने ₹500 और ₹1000 के नोट उसी दिन आधी रात से legal tender नहीं रहे; Specified Bank Notes (Cessation of Liabilities) Act, 2017 के तहत इन्हें कुल 10 तक (अध्ययन, शोध या मुद्राशास्त्र के लिए 25 तक) सिर्फ़ रखा जा सकता है — बेचना, ख़रीदना, किसी को देना या किसी से लेना मना है, और जुर्माना ₹10,000 या नोटों के अंकित मूल्य का पाँच गुना, जो भी ज़्यादा हो, तक हो सकता है। पूरा ब्यौरा →
“सरकारी” दिखने वाली साइट, वीडियो और letter कैसे पहचानें
- पता देखिए। RBI की इकलौती असली वेबसाइट rbi.org.in है। 2018 की एक चेतावनी में RBI ने लोगों से कहा था कि “Reserve Bank” या “RBI” से शुरू होने वाले मिलते-जुलते पतों और नकली logo वाली वेबसाइटों के झाँसे में न आएँ। वह चेतावनी lottery और विदेश से पैसे के झूठे ऑफ़र वाली ठगी के बारे में थी, पर 2021 में RBI ने ख़ुद बताया कि पुराने नोट-सिक्कों के सौदों में भी उसका नाम और logo ग़लत तरीक़े से इस्तेमाल हो रहा है। टकसाल की साइटें spmcil.com और indiagovtmint.in हैं। RBI इस ख़रीद-बिक्री में पड़ता ही नहीं और टकसाल की FAQ में ख़रीदने की कोई सेवा नहीं है, इसलिए जो साइट ख़ुद को RBI या सरकार का सिक्का-ख़रीदार बताए, उसका दावा इन दोनों के अपने लिखे से मेल नहीं खाता।
- “Government approved” या “सरकारी रजिस्टर्ड” ख़रीदार। 4 अगस्त 2026 को PIB Fact Check ने वह वीडियो फ़र्ज़ी बताया जिसमें प्रधानमंत्री को पुराने सिक्कों की एक प्रदर्शनी के लिए “सरकार द्वारा अधिकृत ख़रीदार” का समर्थन करते दिखाया गया था — प्रधानमंत्री ने ऐसे किसी ख़रीदार का समर्थन नहीं किया। RBI ने भी किसी संस्था, फ़र्म या व्यक्ति को ऐसे सौदों में अपनी तरफ़ से पैसा लेने का अधिकार नहीं दिया है। तो पुराने सिक्के का ख़रीदार सरकारी होता है या प्राइवेट? प्राइवेट — कोई कलेक्टर या डीलर। “सरकारी” मुहर ठगी में कैसे काम आती है →
- “सरकारी योजना” वाले वीडियो और लिंक। इसके बाद भी PIB Fact Check ने 31 अगस्त और 22 सितंबर 2026 को Facebook पेजों पर चल रहे ऐसे वीडियो को AI से बने फ़र्ज़ी (डीपफेक) बताया, जिनमें प्रधानमंत्री को पुराने नोट-सिक्कों की ख़रीद की घोषणा करते दिखाया गया था; PIB के मुताबिक़ प्रधानमंत्री ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की। PIB की सलाह: ऐसा कोई संदिग्ध वीडियो या लिंक आगे मत भेजिए, और सरकारी योजनाओं की सही जानकारी के लिए myscheme.gov.in देखिए।
- RBI के नाम का letter या email। 27 फ़रवरी 2026 को PIB Fact Check ने RBI के नाम से घूम रहे एक letter को फ़र्ज़ी और scam बताया — वह पुराने सिक्कों के बदले बड़ी रकम का वादा करके ₹700 “form charge” और ₹12,150 “delivery fee” माँग रहा था। PIB के मुताबिक़ RBI पैसे, फ़ीस या निजी जानकारी माँगने वाले letter या email नहीं भेजता। और RBI इन मामलों में पड़ता ही नहीं, इसलिए सिक्का बेचने के लिए “RBI approval letter” या “RBI clearance” भी इसी चाल का हिस्सा है। RBI ख़ुद क्या कहता है →
- “सरकारी रेट लिस्ट”। RBI पुराने सिक्कों की कोई कीमत सूची जारी नहीं करता; ऐसी PDF या वीडियो किसी और का बनाया होता है। असल में बिके दाम देखिए →
फिर पुराने सिक्के कौन ख़रीदता है, और बेचें कहाँ?
कलेक्टर और डीलर — सरकार नहीं। कहाँ क्या मिलता है, क्या कटता है और कहाँ फँसने का डर है, यह पुराने सिक्के कहाँ बेचें में है; साइट चुनने के चार सवाल और उसे जाँचने की दो मिनट की पाँच जाँच अलग पन्नों पर हैं। किसी से बात करने से पहले असल में बिके दाम देख लीजिए, ताकि मन में असली संख्या हो। The Currency Bazaar पर ख़रीदार साइट की चैट से बात करते हैं, आपका फ़ोन नंबर नहीं दिखाया जाता, हर मैसेज फ़ीस की माँग के लिए जाँचा जाता है और ऐसी माँग पकड़ में आने पर चेतावनी दिखती है, और बिक्री पर हम 0% कमीशन लेते हैं।
सरकार नहीं, कलेक्टर ख़रीदते हैं
प्लान का एक बार का शुल्क ₹99 से, बिक्री पर 0% कमीशन। ख़रीदार चैट से बात करते हैं, आपका फ़ोन नंबर नहीं दिखता, और मैसेज फ़ीस की माँग के लिए जाँचे जाते हैं — असली ख़रीदार पैसे आपको देता है, आपसे कभी नहीं माँगता।
प्लान देखिए — ₹99 सेइससे जुड़े पेज
आपके शहर में सिक्का प्रदर्शनी कब है? — 2026–27 की तारीख़ें →
अंतिम अपडेट: 2026-10-04