RBI Aur Purane Sikke
पुराने सिक्कों और नोटों पर RBI असल में क्या कहता है
नहीं — RBI पुराने सिक्के या नोट न ख़रीदता है न बेचता है, उसने इसके लिए किसी को अधिकृत नहीं किया, और वह कभी कोई फ़ीस नहीं माँगता। यह उसने 4 अगस्त 2021 की प्रेस विज्ञप्ति में साफ़ कहा है। भारत में पुराने सिक्कों की लगभग हर ठगी रिज़र्व बैंक का नाम लेती है — इसलिए यह पेज RBI के अपने शब्द देता है, ताकि आप खुद जाँच सकें।
क्या RBI पुराने सिक्के या नोट ख़रीदता है?
4 अगस्त 2021 को रिज़र्व बैंक ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की — “RBI cautions the public not to fall prey to fictitious offers of buying/ selling of Old Banknotes and Coins”। उसका मुख्य हिस्सा यह है:
— रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया, Press Release 2021-2022/634, 4 अगस्त 2021 (मूल अंग्रेज़ी में)
सीधे शब्दों में: रिज़र्व बैंक इन मामलों में पड़ता ही नहीं, किसी तरह का शुल्क या कमीशन कभी नहीं लेता, और उसने किसी संस्था, फ़र्म या व्यक्ति को अपनी तरफ़ से वसूली का अधिकार नहीं दिया है।
इसका आपके लिए क्या मतलब है?
- कहीं रजिस्टर होना ही नहीं है। RBI सिक्के बेचने वालों की कोई सूची नहीं रखता, इसलिए “RBI registration fee” ऐसी चीज़ की फ़ीस है जो है ही नहीं।
- कोई clearance नहीं लेनी। सिक्का बेचने के लिए RBI की मंज़ूरी चाहिए ही नहीं — “RBI clearance” और “RBI NOC” गढ़े हुए शब्द हैं।
- कोई उसकी तरफ़ से वसूली नहीं करता। विज्ञप्ति में यह साफ़ लिखा है। जो भी RBI के नाम पर पैसा माँगे, वह परिभाषा से ही झूठ बोल रहा है।
- RBI आपका सिक्का खरीदता भी नहीं। वह पुराने नोट-सिक्कों के लेन-देन में है ही नहीं।
RBI का FAQ इस बारे में क्या कहता है?
यह 2021 की कोई एक बार की सूचना नहीं है। RBI के Indian Currency FAQ में — जो 15 अप्रैल 2025 को अपडेट हुआ — एक स्थायी सवाल है: “Where can I sell my old banknotes and coins?” जवाब वही है, और उसी प्रेस विज्ञप्ति की तरफ़ इशारा करता है।
कौन से सिक्के अब भी चलन में हैं?
यह जानना ज़रूरी है, क्योंकि ठगी अक्सर यह कहकर शुरू होती है कि आपका सिक्का “बंद हो गया” या “वापस लिया जा रहा है”। उसी RBI FAQ के अनुसार 50 पैसे, ₹1, ₹2, ₹5, ₹10 और ₹20 के सिक्के legal tender हैं। सिर्फ़ 25 पैसे और उससे नीचे के सिक्के 30 जून 2011 से बंद हुए।
क्या RBI पुराने नोट ख़रीदता है?
नहीं — ऊपर वाली 2021 की विज्ञप्ति सिक्कों और नोटों, दोनों के बारे में है। RBI आज चलने वाले नोट को सिर्फ़ उसके अंकित मूल्य पर बदलता है; किसी नोट का “कलेक्टर दाम” वह नहीं देता। 8 नवंबर 2016 को बंद हुए ₹500 और ₹1000 के नोट न RBI बदलता है, न कोई और, और उन्हें बेचना या ख़रीदना भी क़ानूनन मना है। “RBI ने पुराने ₹500/₹1000 बदलने के नए नियम दिए” वाले दावे को PIB Fact Check ने 6 नवंबर 2025 को फ़र्ज़ी बताया। कौन सा पुराना नोट कहाँ बदलता है, यह पुराने नोट कहाँ बदले जाते हैं में है।
“RBI approval letter” या RBI के नाम का पत्र
RBI के नाम, लोगो या मोहर वाला कोई भी पत्र, सर्टिफ़िकेट या “approval letter” जो पुराने सिक्के या नोट के सौदे के लिए पैसा माँगे, नकली है। RBI ने 6 फ़रवरी 2012 की चेतावनी में कहा था कि वह फ़ोन या ईमेल करके किसी से पैसा या निजी जानकारी नहीं माँगता, आम लोगों के खाते नहीं रखता, और उसकी असली वेबसाइट सिर्फ़ rbi.org.in है। 27 फ़रवरी 2026 को PIB Fact Check ने ऐसा ही एक पत्र फ़र्ज़ी बताया: उसमें पुराने सिक्कों के बदले ₹34 लाख का वादा था, और पहले ₹700 “form charge” और ₹12,150 “delivery fee” माँगी गई थी। PIB के मुताबिक़ RBI पैसा, फ़ीस या निजी जानकारी माँगने वाले पत्र या ईमेल नहीं भेजता।
पैसे भर चुके हैं तो अब क्या करें?
- 1930 पर कॉल कीजिए — राष्ट्रीय साइबर-अपराध हेल्पलाइन — या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कीजिए। सबसे पहले यही, क्योंकि पहले कुछ घंटों में दर्ज रकम रुकने की संभावना कहीं ज़्यादा होती है।
- नज़दीकी थाने में लिखित शिकायत दीजिए और रसीद संभाल कर रखिए।
- वह मैसेज PIB Fact Check (factcheck.pib.gov.in) को भेजिए — यह सरकार की अपनी fact-check इकाई है — ताकि अगले व्यक्ति को चेतावनी मिल सके।
देखिए सिक्के असल में कितने में बिकते हैं
असली listings, और वह दाम जिस पर हर एक बिकी या हटी — तारीख़ के साथ। गढ़ी हुई संख्या का सबसे अच्छा जवाब एक असली संख्या है।
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अंतिम अपडेट: 2026-10-04