₹10 नोट
आपकी जेब में पड़ा आम ₹10 नोट उतने का ही है — उतना जितना उस पर लिखा है। ज़्यादातर ऐसे ही होते हैं। यह निराशा की बात नहीं, यही सामान्य जवाब है।
दाम असल में कैसे थे
| आधी बिक्री इस बीच हुई | ₹310 – ₹884 |
|---|---|
| बीच का दाम | ₹614 |
| सबसे कम / सबसे ज़्यादा | ₹69 – ₹15,000 |
| गिनी गई पूरी बिक्री | 68 |
| स्वतंत्र दुकानें | 3 |
ये वे दाम हैं जो किसी ने असल में चुकाए, माँगे गए दाम नहीं। हम दोनों को मिलाते नहीं — बेचने वाला जो उम्मीद करता है और ख़रीदार जो देता है, वे अलग नंबर हैं, और सबूत सिर्फ़ एक है।
जिन किस्मों का दाम सच में ज़्यादा है
- ₹10 note — bundle, fancy serial number · Governor Rn Malhotra — ₹12,500 (9 sales)
- ₹10 note — bundle · Governor Rn Malhotra — ₹11,787 (28 sales)
- ₹10 note · Governor Deshmukh — ₹4,999 (9 sales)
- ₹10 note · Governor Taylor — ₹3,793 (24 sales)
- ₹10 note — bundle · Governor Venkitaramanan — ₹3,750 (17 sales)
- ₹10 note — bundle · Governor Rangarajan — ₹3,588 (33 sales)
- ₹10 note — bundle, fancy serial number · Governor Sanjay Malhotra — ₹3,025 (32 sales)
- ₹10 note — bundle, fancy serial number · Governor Shaktikanta Das — ₹2,819 (12 sales)
इस बारे में लोग असल में क्या पूछते हैं
क्या ₹10 नोट सच में 3 लाख का है?
नहीं। आम चलन का ₹10 नोट ₹10 का ही है — उतना ही जितना उस पर लिखा है। 3 लाख वाला आंकड़ा WhatsApp और YouTube पर घूमता है; वह किसी ने चुकाया हुआ दाम नहीं है। वह वही नंबर है जो आपको सुनाया जाता है, और उसके थोड़ी देर बाद "रजिस्ट्रेशन" या "कस्टम क्लीयरेंस" की फ़ीस माँगी जाती है। 3 अलग-अलग दुकानों पर हुई 68 पूरी बिक्री में, इस मूल्य के जो सिक्के-नोट संग्राहक ख़रीदते हैं उनका बीच का दाम ₹614 रहा, और सबसे ऊँची एक बिक्री ₹15,000 की थी।
₹10 नोट की असली कीमत क्या है?
₹10, अगर वह चलन का आम नोट या सिक्का है — और ज़्यादातर आम ही होते हैं। संग्राहक ज़्यादा सिर्फ़ ख़ास किस्मों के लिए देते हैं: फैंसी या दोहराने वाला नंबर, किसी ख़ास गवर्नर का दस्तख़त, बिना चली हुई गड्डी, या छपाई की गलती। उनका बीच का दाम ₹614 रहा, और आधी बिक्री ₹310 से ₹884 के बीच हुई।
पुराने सिक्के ऑनलाइन बेचना असली है या फ़र्ज़ी?
बेचना असली है; ठगी भी असली है, और उसकी एक पहचान है। असली ख़रीदार आपको पैसा देता है। ठग आपसे पहले पैसा माँगता है — रजिस्ट्रेशन, कस्टम क्लीयरेंस, GST, बीमा, या "वापस मिल जाएगी" वाली सिक्योरिटी — और एक बार भेज देने पर माँग कभी ख़त्म नहीं होती। अगर कुछ आने से पहले आपके हाथ से पैसा जाना पड़े, तो वह ठगी है, वेबसाइट चाहे जैसी भी दिखे। इस पेज का हर दाम किसी स्वतंत्र दुकान पर हुई पूरी बिक्री है — न माँगा गया दाम, न अंदाज़ा।
₹10 नोट बेचने के लिए कुछ देना पड़ता है क्या?
नहीं। बेचने के लिए आप कभी पैसा नहीं देते — न रजिस्ट्रेशन फ़ीस, न कस्टम क्लीयरेंस, न GST, न कोई रिफ़ंडेबल जमा। पैसा आपके पास आता है, आपसे जाता नहीं। जो कोई भी आपसे कुछ मिलने से पहले पैसे भेजने को कहे, वह ठगी कर रहा है।
यह एक ख़ास किस्म है। ₹10 के सिक्के के बारे में सामान्य तौर पर — और यह भी कि क्या वह सच में 3 लाख का है — ₹10 के सिक्के का पेज पढ़िए।
स्वतंत्र दुकानों पर दर्ज 68 पूरी बिक्री से बना। कोई पेज यहाँ तभी आता है जब 2 या ज़्यादा दुकानों की कम से कम 8 बिक्री आपस में इतनी मिलती हों कि उनका कोई मतलब बने — हमारे कैटलॉग की ज़्यादातर चीज़ें यह शर्त पूरी नहीं करतीं, और उनका कोई पेज नहीं है।
आपके पास ऐसा कुछ है बेचने के लिए?
ऊपर के दाम पूरी हो चुकी बिक्री से बने हैं। अगर आपके पास ऐसी चीज़ है, तो उसे यहाँ उन संग्राहकों और डीलरों के सामने रखिए जो इन्हें सच में ख़रीदते हैं। आपका फ़ोन नंबर कभी नहीं दिखाया जाता — ख़रीदार वेबसाइट पर ही आपसे बात करते हैं। बिक्री पर कोई कमीशन नहीं।
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